एस एम सी निर्वाचन प्रक्रिया

 मध्य प्रदेश में सभी शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में विद्यालय संचालन मैं समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विगत कई वर्षों से लगभग हर 2 साल में एसएमसी का गठन किया जाता है। एसएमसी शाला प्रबंधन समिति का संक्षिप्त रूप है। इसे विद्यालय प्रबंधन समिति भी कह सकते हो। 2021-22 में फिर से इसका निर्वाचन किया जाना है। इसके लिए आपको शाला प्रबंध समिति गठन कार्यवाही रजिस्टर में भी निर्धारित प्रारूप में सभी जरूरी जानकारी भरना है। प्रपत्रों पर अध्यक्ष, सचिव, जन प्रतिनिधियों aor samiti sadasyon ke हस्ताक्षर भी आवश्यक रुप से लेने हैं। जन शिक्षा केंद्र द्वारा School management committee pdf file whatsapp groups में भेजी गई है। उस pdf file का अध्ययन करने से बहुत सी शंकाओं का समाधान मिल जायेगा।

एसएमसी निर्वाचन संबंधित संपूर्ण जानकारी के लिए पूरी पोस्ट अंत तक पढिए।

SMC गठन संबंधित राज्य शिक्षा केन्द्र के निर्देश पीडीएफ फाइल में

SMC गठन 2021 अब 22 सितंबर को

Smc election dates. Shala prabandhan samiti chunav 2021. School management committee meeting and election new dates.

मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने इस सत्र में निर्वाचन की कार्यवाही शुरू करने के लिए शाला प्रभारियों को निर्देशित किया है।

सत्र 2021-22 में पहले शाला प्रबंधन समिति निर्वाचन के लिए 9 सितंबर 2021 की तारीख तय की थी। राज्य शिक्षा केंद्र मध्य प्रदेश भोपाल के दिनांक 7 सितंबर को जारी नवीन आदेश क्रमांक/राशिके/मीडिया /2021 / 4893 के अनुसार इसका निर्वाचन 22 सितंबर 2021 को किया जाएगा।

Madhy Pradesh education portal पर इस आदेश को पढ़ सकते हैं।

Up to date information के लिए शिक्षा विभाग की एजूकेशन पोर्टल देखें।

ज्ञान का खजाना कोर्स 2

विद्यालय प्रबंधन समिति का कार्यकाल कितने वर्षों का होता है

शाला प्रबंधन समिति विद्यालय के कुशल संचालन में शिक्षकों की और पालकों की मदद करती है। इसका कार्यकाल 2 वर्ष का होता है हर 2 वर्ष बाद पुनः निर्वाचन किए जाते हैं। इसके लिए शिक्षा केंद्र द्वारा अधिसूचना जारी की जाती है उसके अनुसार निर्धारित तारीखों में यह कार्य संपन्न कराया जाता है। विद्यालय प्रबंधन समिति पालक शिक्षक और कुछ सदस्य समुदाय के भी होते हैं इनमें जनप्रतिनिधि पंच या पार्षद आदि भी शामिल किए जाते हैं।

कक्षावार व्हाट्सएप समूह 

एसएमसी निर्वाचन की पूर्व तैयारी

शाला प्रबंध समिति में वंचित और कमजोर वर्ग को भी शामिल किया जाना है। इसके लिए पूर्व से ही तैयारी की जाना चाहिए। पूर्व में तैयारी करने से तात्पर्य निर्वाचन के दिन के पहले ही सभी आवश्यक लिस्ट बना लें ताकि ताकि निर्वाचन के दिन आपको ज्यादा परेशानी नहीं होगी। SMC गठन के पूर्व palakon ka सारा डाटा up date कर लीजिए। सभी पालकों की सूची बनाकर उनका पालकों के हस्ताक्षर लेना चाहिए अथवा सभी पालकों के लिए एक पत्र भी भेज सकते हैं उस पर उनके हस्ताक्षर करवाकर विद्यालय में रिकॉर्ड में सुरक्षित रखें।

यदि एक ही वर्ग के सदस्य हैं तब कितने सदस्यों का चयन करें. ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब के लिए आदरणीय जय सर का ये वीडियो देखें।

शाला प्रबंधन समिति गठन जानकारी 2021-22


प्रबंध समिति में कितने सदस्य होते हैं

प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में सदस्यों की संख्या अलग-अलग होती है। पर यह ध्यान रखने योग्य बात है कि प्रबंधन समिति में बालकों के अलावा जनप्रतिनिधि भी होते हैं। इसके लिए एक निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए आदेशों के अनुसार ही गठन की प्रक्रिया पूर्ण की जाती है।

शाला प्रबंधन समिति ( management committee ) में अध्यक्ष सचिव दोनों के अलावा समिति के अन्य सदस्य भी होते हैं जैसे जनप्रतिनिधि विद्यालय की वरिष्ठ महिला शिक्षिका और कुछ चुने हुए पालक। यह सभी मिलकर सामूहिक रूप में शाला प्रबंधन समिति और विद्यालय के प्रति उत्तरदाई होते हैं।



1. यदि एक ही वर्ग के छात्र है तब कितने सदस्यों का चयन करें।

2. क्या पूर्व अध्यक्ष पुनः अध्यक्ष बन सकते है।

3. EPES शाला में सदस्यों का चयन कैसे करें।

4. महिला शिक्षिका नही है तब किसका चयन करें।

जय डेहरिया जी ने इस विषय में अपने Youtube चैनल पर जानकारी अपलोड की है।

smc गठन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी.

How to use students creativity for better school management?

निर्वाचन कार्य पूर्ण होने के उपरांत अध्यक्ष के केवाईसी डॉक्यूमेंट जैसे आधार कार्ड वोटर आईडी कार्ड पैन कार्ड और उसकी नवीनतम फोटो लेकर रख लेना चाहिए क्योंकि इनकी आवश्यकता बैंक में खाते में हस्ताक्षर और नाम परिवर्तित करने के लिए होगी।

एसएमसी खाता परिवर्तन हेतु प्रक्रिया

अध्यक्ष निर्वाचन उपरांत एसएमसी खाता परिवर्तन प्रारूप पर अध्यक्ष एवं सचिव के नाम, हस्ताक्षर और फोटो लगेंगे। एसएमसी खाता परिवर्तन प्रारूप पर वरिष्ठ कार्यालय बीआरसी प्रमुख बीआरसीसी के हस्ताक्षर होंगे। इसे दोनों के केवाईसी डॉक्यूमेंट सहित बैंक में जाकर जमा करने होंगे। तभी विद्यालय का account नवीन एसएमसी अध्यक्ष के हस्ताक्षर स्वीकार कर पाएगा। दूसरे शब्दों में आप को बैंक अकाउंट जल्दी ही up date karna hai. यह सब प्रक्रिया पूर्ण करना बहुत आसान है।

यह कार्य भी अति महत्वपूर्ण है और इसे भी शीघ्र ही पूर्ण कर लेना चाहिए।

यदि आप यह तैयारी कर लेते हैं तो आपको बैंक में खाता परिवर्तित करने में आसानी होगी।

क्या होगा जब स्कूल एसएमसी का सचिव परिवर्तित हो जाए। सचिव के बदले जाने पर एसएमसी खाता परिवर्तन प्रारूप पर नए सचिव और अध्यक्ष के हस्ताक्षर होंगे। उनके ही photograph लगेंगे। अगर इस तरह का कोई परिवर्तन होना है तो इसमें आपको निर्वाचन से पहले ही ध्यान रखना चाहिए। 

समग्र शिक्षा बैंक खाते संबंधित जानकारी प्राप्त करने हेतु हमारे ब्लॉग पर एक पोस्ट पब्लिश की गई है। आप अधिक  जानकारी हेतु उसे देख सकते हैं।

नवीन शिक्षक संवर्ग के लिए समूह बीमा योजना

निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के तहत शाला प्रबंधन समिति निर्वाचन गठन बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है इन को गंभीरता से लेना चाहिए।

वही समिति शिक्षकों की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक अच्छी मंच का कार्य भी कर सकती है। विद्यालय से संबंधित निर्माण कार्य और साला आकस्मिक निधि के उपयोग इन सभी कामों में शाला प्रबंधन समिति की सहमति आवश्यक होती है। विद्यालय प्रबंधन समिति की हर महीने मासिक बैठक रखी जाती है। समिति की मासिक और आकस्मिक बैठकों का रिकॉर्ड एक register में विधिवत किया जाना चाहिए।

पालक शिक्षक बैठक ( PTM meeting ) की भांति एसएमसी बैठक भी आवश्यक हैं।

अलग-अलग राज्यों में शाला प्रबंधन समिति के निर्वाचन और गठन की तारीखों में भिन्नता हो सकती है। इसके लिए आपको अपने राज्य के राज्य केंद्र के आदेशों का अनुपालन करना चाहिए ।



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